जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स हिंदी पुस्तक पीडीएफ | Eleven Commandments Of Life Maximization Hindi Book PDF Download
आज के इस गतिशील एवं द्रुतगामी संसार में मानव जीवन को उर्जावान व उत्साहित रखना और अधिक चुनौतिपूर्ण होता जा रहा है। किसी भी व्यक्ति के लिये कठिन शारीरिक एवं मानसिक अपेक्षाओं के बीच एक संतोषप्रद जीवन जीने का अर्थ है, अपनी योग्यताओं व क्षमताओं के साथ संपूर्ण जीवन का उन्नयन जीवन के उन्नयन का यह गुण अचानक, अनजाने में या प्रतिक्रिया स्वरूप नहीं मिलता। उन्नयन स्वेच्छा व संपूर्ण चेतनता के साथ किया गया एक प्रयास है। मैं संतोष को एक दशक से जानता हूँ और सदा ही उनके उत्साह, ऊर्जा व संघर्षपूर्ण जीवन से डटकर मुकाबला करने की उनकी वृति का प्रशंसक रहा हूँ। संतोष की तीव्रता, प्रभावशीलता व उत्साह में निरंतर वृद्धि ही हुई है। मेरी संस्था महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के साथ उनकी यात्रा 1998 में आरम्भ हुई और तभी से मैंने उन्हें अपने समूह की विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत कई सहकर्मियों को प्रेरित करते देखा है।
जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स पुस्तक जीवन के प्रति उनके उत्साह व जोश का एक सरल व सुबोधपूर्ण वर्णन है। इस पुस्तक में संतोष ने जीवन के हर पक्ष को चुनौती दी है और प्रदर्शित किया है कि उन्होंने स्वंय से उत्कृष्टता कैसे चाही कठिनाईयों की अवहेलना कैसे की, समाज के मान्य नियमों को कैसे तोड़ा और कैसे पारंपरिक विचारों को तोड़ कर सदा एक डब्ल्यू. आय. पी. (वर्क इन प्रोग्रेस - कार्यशील व्यक्ति) बने रहे। वे यह भी बताते है कि किस प्रकार कोई भी व्यक्ति इन सरल इलेवन कमांडमेंट्स को अपनाकर अपने जीवन को उन्नयनित कर एक अद्वितीय जीवन जी सकता है, और व्यक्ति इनका प्रयोग स्वयं के लिये ही नहीं, अपितु अपने आस-पास के लोगों के जीवन को भी रूपांतरित करने के लिये करता है।
किसी भी व्यक्ति के जीवन उन्नयन का अर्थ है उसकी वास्तविक क्षमताओं को बंधनमुक्त करना, अपने निकटवर्ती संसार को श्रेष्ठतम बनाना और इस बात का ध्यान रखना कि आपकी उपस्थिति एक प्रवर्धक के प्रभाव की रचना करें। अपनी क्षमताओं के उन्नयन के लिये यह अनिवार्य है कि आप स्व-संविधान से प्रेरित हो, आत्मविश्वासी हो, स्वायत्त हों और बाहरी शक्तियों द्वारा संचालित न हों। उपलब्ध संसाधनों में से प्रत्येक का उपयोग करते हुए, अन्य लोगों की प्रभावशीलता को अंगीकार करते हुए; उनका अध्ययन करते हुए उनसे कुछ सीखते हुए जीवन की अनअपेक्षित स्थितियों के बावजूद, अपने ध्येय व महत्वाकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित रखते हुए आप सर्वाधिक परिणाम दे पायेंगे और अपनी पूरी क्षमताओं को चरितार्थ कर पायेगें।
संतोष चीज़ों को अलग तरीके से करने, यथास्थिति को चुनौती देने व आवश्यकता न होने पर भी नये प्रयोग करने के महत्व पर भी जोर देते हैं। अपने व्यवसाय या करियर के उत्कर्ष पर जब सब कुछ ठीक चल रहा हो, जीवन स्थिर हो, और उत्पादन अपने चरम पर हो, तब नये प्रयोग करना, नवविचार लाना और चल रहे कार्य में हलचल खड़ी करना एक बहुत चुनौतीपूर्ण कदम होता है। यह विश्वास कि भविष्य, भूत का ही विस्तार है, बड़ी सम्भावनाओं को सीमित कर देता है।
अतः जीवन उन्नयन के लिये व्यक्ति में निरंतर उन्नत होने व अन्यों को उन्नत करने की तीव्र इच्छा होना अनिवार्य है। एक बार ये विचार व शब्द यदि हमारे कार्यों में परिवर्तित हो जायें, तो हमारे लिए सम्भावनाओं के अंतहीन द्वार खुल जाते हैं। महिन्द्रा समूह ने उन्नत होने के इस दर्शन को अपना कर ऐसे समाधान विकसित किये जिनसे गतिशीलता को शक्ति मिली, ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पन्नता बढ़ी और लोगों के जीवन जीने के तरीकों में सुधार आया। उन्नत होने के इस दर्शन का सार संतोष के दर्शन की प्रतिध्वनि है और आप इसका उल्लेख इस पुस्तक में कई बार पायेंगे।
मैं जीवन में दो प्रकार के लोगों से मिला हूँ... पहले वे जो इस दुनिया में आये और चले गये, लेकिन उनके अपने परिवार निजी मित्रों और सहकर्मियों के अतिरिक्त किसी अन्य को उनके अस्तित्व का भान तक न हुआ। ये वे लोग हैं, जिनके इस पृथ्वी पर आने और चले जाने से संसार में कोई बदलाव नहीं आया। ऐसा व्यक्ति एक साधारण मनुष्य होता है, चाहे वह एक पुत्र हो या पुत्री, एक पति हो या पत्नि अथवा माता या पिता वह एक आम कामकाजी व्यक्ति होता हैं, जिसके विचार, जीवन व जीवन जीने का तरीका भी साधारण ही होते हैं।
Book | जीवन उन्नयन के इलेवन कमांडमेंट्स / Eleven Commandments Of Life Maximization |
Author | Santosh Nair |
Language | Hindi |
Pages | 180 |
Size | 3 MB |
File | |
Category | Hindi Books, Lifestyle |
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